ICAR-CIFRI signed a Memorandum of Understanding with M/s Gitanjali for consultancy on establishment of Fish Feed Mill at Kalian tala.

Last Updated on 19.09.2017


ICAR-CIFRI signed a Memorandum of Understanding with M/s Gitanjali for consultancy on establishment of Fish Feed Mill

ICAR-CIFRI signed a Memorandum of Understanding with M/s Gitanjali for consultancy on establishment of Fish Feed Mill at Kalian tala, PO. Bajitpur, PS: Karimpur, District Nadia, West Bengal. Dr B. K. Das, Director from ICAR-CIFRI side and Mr. Giren Vairagya from M/s Gitanjali signed the MOU.

राजभाषा हिंदी में ‘अंतर्स्‍थलीय मात्स्यिकी की वर्तमान अवस्‍था एवं सम्‍भावनाएं’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला

Last Updated on 18.09.2017


राजभाषा हिंदी में ‘अंतर्स्‍थलीय मात्स्यिकी की वर्तमान अवस्‍था एवं सम्‍भावनाएं’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला

भा.कृ.अनु.प.-केन्‍द्रीय अंतर्स्‍थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्‍थान, बैरकपुर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल के निदेशक डा. बि. के. दास की अध्‍यक्षता में दिनांक 15 सितम्‍बर, 2017 को अंतर्स्‍थलीय मात्स्यिकी की वर्तमान अवस्‍था एवं सम्‍भावनाएं’ विषय पर संस्‍थान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में मुख्‍य अतिथि डा. गोपाल कृष्‍ण, निदेशक एवं उप-कुलपति, भा.कृ.अनु.प.-केन्‍द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्‍थान, मुम्‍बई थे। उद्घाटन समारोह में संस्‍थान के वैज्ञानिकों/तकनीकी अधिकारियों तथा अन्‍य संस्‍थानों/विश्‍वविद्यालयों से संबंधित मात्स्यिकी क्षेत्र में कार्यरत शोधकर्ताओं और शिक्षकों ने भाग लिया।सर्वप्रथम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के स्‍वागत गीत से कार्यशाला का आरम्‍भ किया गया। तत्‍पश्‍चात डा श्रीकान्‍त सामन्‍ता, सर्वकार्यभारी, हिंदी कक्ष द्वारा सभी गणमान्‍य अतिथियों का स्‍वागत किया गया और उनके समक्ष इस कार्यक्रम का उद्देश्‍य प्रस्‍तुत किया। इसके साथ ही सभी गणमान्‍य अतिथियों ने द्वीप प्रज्‍जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्‍भ किया।
इस कार्यक्रम के विशेष अतिथि प्रो. रमन त्रिवेदी, पश्चिम बंगाल प्राणी एवं मात्स्यिकी विश्‍वविद्यालय, कोलकाता ने अपने व्‍याख्‍यान के दौरान कवि गोपाल सिंह नेपाली जी की कविता का एक पाठ सभागार सदस्‍यों को पढ़कर सुनाया और उसकी प्रासंगिकता के बारे में बताया। उन्‍होंने कहा कि हिंदी का प्रयोग करते समय अन्‍य भाषाओं का समावेश भी आज स्‍वीकार्य है। हिंदी में आयोजित इस वैज्ञानिक कार्यशाला के महत्‍व पर भी अपने विचार प्रस्‍तुत किए।

भाकृअनुप-केन्‍द्रीय अंतर्स्‍थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्‍थान, बैरकपुर में हिंदी सप्‍ताह 2017 का उद्घाटन समारोह

Last Updated on 15.09.2017


Hindi Saptaha celebration

प्रत्‍येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भाकृअनुप-केन्‍द्रीय अंतर्स्‍थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्‍थान, बैरकपुर में दिनांक 14 सितम्‍बर, 2017 को भारतीय विज्ञान कांग्रेस संस्‍था, कोलकाता के साथ संयुक्‍त रूप से हिंदी सप्‍ताह का उद्घाटन समारोह आयोजित किया।इस कार्यक्रम की शुरूआत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के स्‍वागत गीत से की गई। तत्‍पश्‍चात श्री राजीव लाल, मुख्‍य प्रशासनिक अधिकारी ने सभी गणमान्‍य अतिथियों का स्‍वागत किया। अपने स्‍वागत भाषण में उन्‍होंने कहा कि देश में अनेक भाषाए बोली जाती हैं लेकिन हिंदी भाषा का विशेष महत्‍व है। इसके साथ ही सभी अतिथियों ने द्वीप प्रज्‍जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्‍भ किया।डा. अशोक कुमार सक्‍सेना, पूर्व महाध्‍यक्ष, भारतीय विज्ञान कांग्रेस संस्‍था, कोलकाता ने अपने व्‍याख्‍यान में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने पर अपने विचार प्रस्‍तुत किये। डा. मनोज कुमार चक्रवर्ती, महाध्‍यक्ष, भारतीय विज्ञान कांग्रेस संस्‍था, कोलकाता तथा डा. (श्रीमती) विजयलक्ष्‍मी, पूर्व महासचिव, भारतीय विज्ञान कांग्रेस संस्‍था, कोलकाता ने भी हिंदी के महत्‍व और उसकी उपयोगिता के बारे में अपने विचार प्रस्‍तुत किये। उन्‍होंने इस संस्‍थान में हो रहे हिंदी के कार्यों की सराहना करते हुए साथ मिलकर कार्य करने की इच्‍छा भी जताई।

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